चमोली। मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने से हुए हादसे के बाद रातभर चले राहत एवं बचाव अभियान में बड़ी सफलता मिली है। टनल में फंसे 22 लोगों में से 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि शेष तीन लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। हादसे में अब तक सात लोगों की मृत्यु की सूचना है।
टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के तहत बन रही टीआरटी टनल करीब तीन किलोमीटर लंबी है। बताया गया कि टनल के लगभग डेढ़ किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण अचानक मलबा और पानी आने से अंदर काम कर रहे लोग फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू किया। जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।
रेस्क्यू अभियान के दौरान टनल के भीतर बचाव कार्य में सहयोग के लिए गए छह बचावकर्मी भी सुरक्षित बाहर आ गए हैं। मलबे और पानी के बीच चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बचाव दल बेहद सावधानी और समन्वय के साथ आगे बढ़ रहा है। शेष तीन लोगों की तलाश के लिए टनल के अंदर संभावित स्थानों पर सर्च ऑपरेशन जारी है।
बाहर निकाले गए घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय गोपेश्वर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है। घायलों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कई एजेंसियां एक साथ मोर्चे पर
रेस्क्यू अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस तथा अन्य तकनीकी और विशेषज्ञ टीमें जुटी हुई हैं। टनल के भीतर लगातार मलबा और पानी मौजूद होने के कारण बचाव अभियान को बेहद सतर्कता के साथ संचालित किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से आवश्यक संसाधन और तकनीकी सहायता मौके पर उपलब्ध कराई जा रही है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों से लगातार जानकारी लेते हुए शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता टनल में फंसे तीनों लोगों तक पहुंचना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है।