एसआईआर में वन गुर्जरों की समस्याओं को लेकर विधायक ने उठाए सवाल

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हरिद्वार(गौरव कुमार)। श्यामपुर क्षेत्र के गौंडीखाता में हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने सभा का आयोजन कर एसआईआर प्रक्रिया में वन गुर्जर परिवारों के सामने आ रही परेशानियों को सुना। उन्होंने परिवार रजिस्टर की नकल और अन्य दस्तावेजों का मुद्दा उठाया। साथ ही आपत्ति के नाम पर जानबूझकर वन गुर्जर परिवारों को टारगेट करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।पत्रकारों से बातचीत में हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि वन गुर्जर समुदाय को खास तौर पर एसआईआर नोटिस को लेकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वन परमिट 11 दस्तावेजों में से एक है। पहले इसे लेकर भी समस्या आ रही थी, फिर डीएम से मिलकर इसे वैध कराया गया। परिवार रजिस्टर की नकल देने में परेशानी खड़ी की जा रही है। इसे उन्हें तुरंत उपलब्ध कराया जाए। सुनवाई की तारीख नजदीक है, लेकिन नकल नहीं दी जा रही है। विभाग को इस पर ध्यान देना चाहिए। छुट्टी या कोई बहाना नहीं चलेगा। आपात स्थिति में भी तो कार्य किया जाता है। यह काम विभाग का है, इसे किया जाए। लोगों का मताधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। कहा कि 38 आपत्तियां वन गुर्जरों के नाम पर कुछ असामाजिक तत्वों ने लगाई हैं। यह जानबूझकर किया गया है।पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुरजीत लहरी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ही नहीं, पूरे देश का संगठन राहुल गांधी के नेतृत्व में काम कर रहा है। भाजपा किसी न किसी तरीके से एक समुदाय को टारगेट करती आ रही है। कांग्रेस का विजन है कि यह देश सबका है। इस देश में प्रत्येक नागरिक को बराबर अधिकार और सम्मान है। एसआईआर प्रक्रिया के तहत कागजों की पूर्ति करने में परेशानी खड़ी हो रही है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। कहा कि वन गुर्जरों का पुनर्वास हो चुका है, कई आज भी संघर्ष कर रहे हैं। तीन-तीन पीढ़ियों से ये लोग मतदान करते आ रहे हैं। एक ग्राम प्रधान किसी के इशारे पर गुर्जर समुदाय के 55 परिवारों को टारगेट कर रहे हैं। इस मामले में हरिद्वार ग्रामीण विधायक ने जिलाधिकारी से बात की है और इसका समाधान कराया जाएगा। एसआईआर की प्रक्रिया में कोई पीड़ित पाया गया या किसी को अनावश्यक रूप से पीड़ित किया गया तो उसके लिए कड़ा संघर्ष किया जाएगा।युसूफ गुर्जर ने कहा कि हमारे यहां पुनर्वासित लोग हैं, जो यहां पर आए हैं। उन्हें सरकार की ओर से भूमि आवंटित की गई है। अगर सरकार के पास उनका कोई रिकॉर्ड नहीं है तो आवंटन क्यों दिया गया, मेरा सरकार से सवाल है। आज हमें परिवार रजिस्टर के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है। 2014 के बाद से पेपर ढूंढने में ही लगे हैं। एक पेपर मिलता है तो दूसरा ढूंढना शुरू कर दिया जाता है। इस मौके पर गुरजीत लहरी, शैलेंद्र पाठक, हकीम मुला हकीम, इरशाद बढ़ाना, आजाद चेची, युसूफ गुर्जर, डालो कसाना, बुल्ली चोपड़ा, हनीफ चौहान, रफी चेची, मुस्तफा चौहान नजाकत चेची, अमीर हमजा विजेंद्र सैनी दीपक सैनी टीकाराम सैनी, गुलाम नबी चौहान आदि मौजूद रहे।

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