हरिद्वार (गौरव कुमार) सिडकुल क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों से हजारों कर्मचारियों के सड़क पर उतरने के बाद कांग्रेस नेता वरुण बालियान ने हरिद्वार प्रेस क्लब में श्रमिकों की पीड़ा को जोरदार तरीके से उठाया। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “मैं थूकना चाहता हूं ऐसे जनप्रतिनिधियों पर…
वरुण बालियान ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल की बड़ी कंपनियों में अधिकांश कर्मचारी सड़कों पर नहीं दिखे, क्योंकि उन्हें कंपनी बेस पर नियुक्त किया गया है। लेकिन लगभग 95 प्रतिशत श्रमिक आज भी ठेकेदारी प्रथा के तहत काम करने को मजबूर हैं, जबकि केवल 5 प्रतिशत कर्मचारी ही स्थायी रूप से कंपनी बेस पर कंपनी कार्यालय में कार्यरत हैं। उन्होंने याद दिलाया कि औद्योगिक स्थापना के समय 70 प्रतिशत स्थानीय और 30 प्रतिशत बाहरी लोगों को रोजगार देने की सहमति बनी थी, जो अब पूरी तरह से नजरअंदाज हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि आज हालात इतने खराब हैं कि मजदूरों को अपने हक और अधिकारों के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। यदि जनप्रतिनिधि समय रहते इन मुद्दों को गंभीरता से लेते, तो कर्मचारियों को सड़कों पर उतरने की नौबत नहीं आती। बालियान ने आरोप लगाया कि ठेकेदार, कंपनियां और कुछ जनप्रतिनिधि मिलकर सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं और मजदूरों का शोषण कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनियां अपने-अपने नियमों का हवाला देकर श्रमिकों का उत्पीड़न कर रही हैं, जबकि अधिकारियों को स्थिति की पूरी जानकारी होने के बावजूद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
