हरिद्वार। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता राजबीर सिंह कटारिया ने पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन द्वारा अनुसूचित जाति समुदाय के प्रति कथित रूप से की गई अभद्र टिप्पणी, गाली-गलौज और डराने-धमकाने की घटनाओं की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज, जाति या वर्ग के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग न केवल निंदनीय है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के भी विपरीत है।
राजबीर सिंह कटारिया ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान सम्मान और अधिकार प्रदान करता है। ऐसे में किसी भी जनप्रतिनिधि या सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति द्वारा किसी समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले बयान देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समाज को कमजोर समझने की भूल किसी को नहीं करनी चाहिए। एससी/एसटी समाज संगठित, जागरूक और अपने अधिकारों के प्रति सजग है।
कटारिया ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी को भी सामाजिक वैमनस्य फैलाने या किसी समुदाय का अपमान करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने समाज के लोगों से भी शांति बनाए रखते हुए अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का आह्वान किया। उधर, चैंपियन में सोशल मीडिया पर वायरल इस खबर को झूठा बताया है कहा कि यह एआई जनरेटेड है। उनकी आवाज को बनाया गया है। उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है।
