हरिद्वार। पिरान कलियर स्थित विश्व प्रसिद्ध दरगाह साबिर पाक में सोहन हलवा और हलवा-परांठा के टेंडर आवंटन को लेकर विवाद गहरा गया है। अधिवक्ता अरुण कुमार भदौरिया, अधिवक्ता कमल भदौरिया और एलएलबी छात्र चेतन भदौरिया ने राज्य मानवाधिकार आयोग, उत्तराखंड में शिकायत दर्ज कराकर टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसी साल 26 मई को जारी निविदा के तहत सोहन हलवा व हलवा-परांठा का ठेका 67.89 लाख रुपये (जीएसटी सहित) वार्षिक राशि पर आवंटित किया गया था। इसके बाद बिना नई निविदा जारी किए संयुक्त मजिस्ट्रेट, रुड़की द्वारा मूल टेंडर में शामिल नहीं रहे सीरमाल और अफलातून की बिक्री की अनुमति भी संबंधित ठेकेदार को दे दी गई। उनका कहना है कि यह निर्णय टेंडर की शर्तों के विपरीत है और इससे अन्य इच्छुक व्यापारियों को अवसर नहीं मिल सका।
शिकायत पत्र में कहा गया है कि दरगाह साबिर पाक देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे धार्मिक स्थल पर टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक होनी चाहिए। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नियमों से हटकर दी गई अनुमति से दरगाह प्रबंधन और राज्य सरकार को संभावित राजस्व हानि हुई है, जबकि कुछ लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
अधिवक्ता कमल भदौरिया ने कहा कि कलियर क्षेत्र में एक दुकान के नाम पर कई दुकानें संचालित की जा रही हैं। इससे राजस्व प्रभावित हो रहा है। आयोग से इन दुकानों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और अवैध संचालन पर रोक लगाने की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं ने आयोग से मांग की है कि टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए, नियमों के विरुद्ध दी गई अनुमति निरस्त की जाए तथा आवश्यक होने पर नई निविदा जारी कराई जाए, ताकि दरगाह और राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान न हो।
कलियर दरगाह टेंडर विवाद: भदौरिया अधिवक्ताओं ने मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया, टेंडर नियमों के उल्लंघन का आरोप,