हरिद्वार(गौरव कुमार) रावली महदूद के मुख्य बाजार में जिला प्रशासन द्वारा मंगलवार को चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद ग्रामीणों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। प्रशासन की कार्रवाई पर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि अभियान निष्पक्ष न होकर चुनिंदा लोगों के खिलाफ चलाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जिन लोगों पर कार्रवाई हुई, वे भाजपा समर्थित नहीं हैं, जबकि प्रभावशाली लोगों के करीबी लोगों को छोड़ दिया गया।
मंगलवार को नायब तहसीलदार प्रताप सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने बाजार क्षेत्र में बुलडोजर चलाकर नाले से आगे तक किए गए अतिक्रमण को हटाया। प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही कई दुकानदारों और ठेला संचालकों ने अपना सामान समेट लिया। कुछ निर्माणों को ध्वस्त भी किया गया।
हालांकि, कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। लोगों का आरोप है कि एक प्रभावशाली व्यक्ति के इशारे पर रंजिशन यह कार्रवाई कराई गई और उसके करीबी लोगों के सामने से अतिक्रमण तक नहीं हटाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अभियान चलाया गया है तो सभी पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए थी।
असंतुष्ट ग्रामीणों ने बुधवार को पत्रकार वार्ता बुलाने की घोषणा की है। ग्रामीणों का कहना है कि वे प्रशासन और संबंधित प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ खुलकर अपनी बात रखेंगे तथा पूरे मामले को मीडिया के सामने उजागर करेंगे।
वहीं नायब तहसीलदार प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई की गई है। मुख्य बाजार क्षेत्र में नाले से आगे तक किए गए अतिक्रमण को हटाया गया है।
