हरिद्वार (गौरव कुमार)। कुंभ मेले से जुड़े निर्माण कार्यों में तकनीकी इंजीनियरों की अनदेखी को लेकर उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ का विरोध तेज हो गया है। पिछले करीब 15 दिनों से 27 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे इंजीनियरों ने आरोप लगाया है कि उनकी गैरमौजूदगी में उच्च अधिकारी घाटों और पुलिया जैसे संवेदनशील कार्य करवा रहे हैं, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मंगलवार को महासंघ की 15 इंजीनियरों की फ्लाइंग टीम ने सुमन नगर, धनौरी और ऋषिकुल क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम को बिना तकनीकी निगरानी के निर्माण कार्य करते पाए गए। इस पर टीम ने मौके पर ही काम रुकवा दिया। इंजीनियरों का कहना है कि बिना जूनियर इंजीनियर (जेई) की उपस्थिति में कंक्रीट और कास्टिंग जैसे कार्य बेहद खतरनाक हैं और इससे भविष्य में बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
महासंघ के पीडब्ल्यूडी जिलाध्यक्ष कीर्ति वर्धन नेगी ने चेतावनी दी कि यदि गुणवत्ता के साथ छेड़छाड़ जारी रही तो आंदोलन और उग्र होगा। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं, लेकिन तकनीकी मानकों से कोई समझौता स्वीकार नहीं करेंगे। साथ ही आरोप लगाया कि हड़ताल के बावजूद अधिकारियों द्वारा कार्य कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
गौरतलब है कि 2 अप्रैल को शासन स्तर पर महासंघ और सरकार के बीच वार्ता हुई थी, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इंजीनियरों ने साफ कहा है कि जहां भी बिना तकनीकी निगरानी कार्य होते मिलेंगे, वहां तुरंत काम रुकवाया जाएगा।
