हरिद्वार। पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान लापता हुए हरियाणा निवासी कांवड़िए की मौत के मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने सड़क दुर्घटना के बाद शव को गंगनहर में फेंकने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त मैक्स वाहन भी बरामद कर लिया है। मृतक के शव की तलाश के लिए पुलिस की टीमें गंगनहर क्षेत्र में लगातार सर्च अभियान चला रही हैं।
पुलिस के अनुसार, विकासनगर (जिला झज्जर, हरियाणा) निवासी दीपक राठी ने कोतवाली रायवाला में तहरीर देकर बताया था कि उनके पिता प्रदीप राठी (54) कांवड़ लेने ऋषिकेश आए थे। 26 जुलाई की सुबह 5:21 बजे वे रायवाला थाने के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिए, लेकिन इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। तहरीर के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और पता चला कि उसी दिन सुबह करीब 5:30 बजे रायवाला वन डिपो के पास एक अज्ञात वाहन ने दो कांवड़ियों को टक्कर मार दी थी। हादसे में राजस्थान निवासी सत्यनारायण की उपचार के दौरान मौत हो गई थी, जबकि दूसरे घायल की पहचान नहीं हो सकी थी। जब दुर्घटना की सीसीटीवी फुटेज प्रदीप राठी के परिजनों को दिखाई गई तो उन्होंने दूसरे घायल की पहचान प्रदीप राठी के रूप में की।
इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के कैमरों की मदद से वाहन की पहचान कर चालक रविन्द्र सिंह नेगी निवासी रुड़की को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि 26 जुलाई की सुबह उसे वाहन चलाते समय नींद की झपकी आ गई, जिससे उसकी मैक्स गाड़ी से दो कांवड़ियों को टक्कर लग गई। एक कांवड़िया वाहन में फंसकर कुछ दूर तक घसीटता चला गया। आरोपी उसे अस्पताल ले जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत होने का एहसास होने पर वह घबरा गया।
आरोपी ने बताया कि उसने अपने मौसेरे भाई सौरभ सिंह पंवार को फोन कर बुलाया। दोनों ने मिलकर शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची और कलियर-मेहवड़ क्षेत्र के पास आसफनगर झाल के आगे गंगनहर में फेंक दिया।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार लुण्ठी ने बताया कि पुलिस ने रविन्द्र सिंह नेगी और सौरभ सिंह पंवार को गिरफ्तार कर मैक्स वाहन संख्या यूके-02-टीए-1488 कब्जे में ले लिया है। मृतक प्रदीप राठी के शव की तलाश के लिए पुलिस की टीमें गंगनहर क्षेत्र में लगातार सर्च अभियान चला रही हैं।