हरिद्वार (गौरव कुमार) उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद छात्रावास में नोटिस लगाए जाने के बाद उत्पन्न स्थिति पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सफाई दी है। सहायक अधिष्ठाता डॉ. चंद्रशेखर शर्मा ने स्पष्ट किया कि छात्रों को छात्रावास खाली करने के लिए बाध्य नहीं किया गया है, बल्कि यह कदम केवल व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया था।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष कुछ छात्र अपने कमरों को बंद कर चाबियां साथ ले गए थे, जिससे प्रशासन को कठिनाई का सामना करना पड़ा। इसी अनुभव के आधार पर इस बार नोटिस जारी किया गया, ताकि छात्रावास की जिम्मेदारी तय की जा सके।
डॉ. शर्मा ने कहा कि जिन छात्रों की परीक्षाएं चल रही हैं या जो आगे भी पढ़ाई जारी रखेंगे, उन्हें छात्रावास में रहने में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी। ऐसे छात्र अपनी स्थिति एक सादे कागज पर लिखकर प्रशासन को दे सकते हैं, जिससे उनकी जवाबदेही भी सुनिश्चित हो सके।
सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष छात्रावास के एक कमरे में कोबरा सांप घुसने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क हो गया है।
वहीं, छात्रावास में छात्रों की संख्या को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में यहां 100 से भी कम छात्र रह रहे हैं।
प्रशासन ने दोहराया कि नोटिस का उद्देश्य केवल व्यवस्था को बेहतर बनाना है और छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
असर : छात्रावास खाली कराने के नोटिस पर सफाई, छात्रों को नहीं होगी कोई परेशानी
