हरिद्वार( गौरव कुमार)। हरिद्वार वन प्रभाग की रुड़की रेंज ने धनौरी बीट में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जिला कारागार भेज दिया गया। वहीं, मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। वन विभाग के अनुसार, धनौरी बीट में 14 जुलाई को खैर के पेड़ों की अवैध कटाई की घटना सामने आई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभागीय वनाधिकारी हरिद्वार और उप प्रभागीय वनाधिकारी रुड़की के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें रासिद उर्फ भूरा पुत्र मासूम निवासी बुढ्ढाहेड़ी, थाना पथरी, जिला हरिद्वार और गुलशेर पुत्र सकूर निवासी जनता रोड, चकहराती, थाना जनकपुरी, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया। वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 33, 41 और 42 के तहत वन अपराध पंजीकृत किया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद दोनों को न्यायालय में पेश कर जिला कारागार भेज दिया गया। विभाग का कहना है कि अवैध कटान में शामिल अन्य फरार आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। कार्रवाई में वन क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में वन दरोगा इंदर सिंह, सोनिया शर्मा, गुरमीत सिंह, वन आरक्षी अनुज कुमार, इकरार अली, योगेश कुमार, उमेश कुमार, वाहन चालक नितेश कुमार, हरीश नेगी, उपनलकर्मी प्रदीप कुमार सहित अन्य वनकर्मी शामिल रहे। प्रभागीय वनाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि आरक्षित एवं संरक्षित वन क्षेत्रों में अवैध कटान, शिकार, खनन या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की सूचना तत्काल वन विभाग या निकटतम वन चौकी को दें। उन्होंने कहा कि भारतीय वन अधिनियम, 1927 तथा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2023) के तहत इस तरह की गतिविधियां दंडनीय अपराध हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खैर के पेड़ों की अवैध कटाई का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार