हरिद्वार। भूपतवाला स्थित शंभू आश्रम वाली गली में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) के नियमों को दरकिनार कर होटल निर्माण का खेल लगातार जारी है। आरोप है कि आवासीय भवनों के नक्शों और कंपाउंडिंग की आड़ में बहुमंजिला होटल खड़े कर दिए गए। हैरानी की बात यह है कि कई मामलों में संबंधित फाइलें पूरी तरह स्वीकृत हुए बिना ही निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया।सूत्रों के अनुसार कई भवनों का भूमि उपयोग (लैंड यूज़) परिवर्तन नहीं कराया गया और न ही होटल संचालन के लिए अनिवार्य पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसके बावजूद निर्माण कार्य बेरोकटोक चलता रहा और कई भवन होटल के रूप में संचालित होने की स्थिति में पहुंच गए। इससे न केवल एचआरडीए के नियमों की अनदेखी उजागर हो रही है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी संभावित नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब फाइलें स्वीकृत नहीं थीं तो निर्माण कार्य किसकी निगरानी में चलता रहा? निर्माण स्थल का निरीक्षण करने वाले संबंधित अधिकारी भी अब सवालों के घेरे में हैं। यदि समय-समय पर प्रभावी निरीक्षण और कार्रवाई की गई होती तो नियमों के विपरीत हो रहे निर्माणों पर शुरुआत में ही रोक लगाई जा सकती थी।अब निगाहें एचआरडीए पर टिकी हैं कि वह पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माणकर्ताओं की जवाबदेही तय करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो अवैध होटल निर्माण पर अंकुश लगाना और कठिन हो सकता है।
नक्शा घर का, खड़े हो गए होटल! भूपतवाला में एचआरडीए के नियमों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां