हरिद्वार (गौरव कुमार) उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के विवेकानंद छात्रावास में रह रहे करीब 120 छात्रों के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सहायक अधिष्ठाता डॉ. चंद्रशेखर शर्मा की ओर से अचानक छात्रावास खाली करने का नोटिस चस्पा कर दिया गया। इस निर्णय से छात्र असमंजस और भय की स्थिति में आ गए हैं।
छात्रों का कहना है कि उनसे पूर्व में जुलाई माह तक छात्रावास में रहने के लिए लिखित सहमति ली गई थी और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भी इसी अवधि तक का समय दिया गया था। बावजूद इसके अचानक नोटिस जारी कर तत्काल कमरा खाली करने के निर्देश दे दिए गए, जिससे छात्रों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
छात्रावास में शास्त्री, आचार्य, बीएड, योगा और पत्रकारिता के छात्र निवास करते हैं, जहां एक कमरे में तीन-तीन छात्र रहते हैं। इनमें कई छात्र बाहरी जिलों के हैं, जो इतनी कम समय-सीमा में अपना सामान समेटकर सुरक्षित स्थान पर ले जाने में असमर्थ हैं।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि छात्रावास नियमावली के तहत ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व कमरा खाली करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर छात्रों को आगामी सत्र में छात्रावास में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि छात्र कमरा खाली नहीं करते हैं तो ताला तोड़कर उनका सामान जब्त कर लिया जाएगा और आवश्यक होने पर पुलिस को सौंप दिया जाएगा।
छात्रों का आरोप है कि उन्हें कम से कम 2 दिन से एक सप्ताह का समय मिलना चाहिए था, लेकिन प्रशासन उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा। स्थिति यह भी है कि सहायक अधिष्ठाता का मोबाइल फोन बंद बताया जा रहा है, जिससे संवाद की स्थिति भी नहीं बन पा रही।
इस पूरे मामले ने छात्रावास में रहने वाले छात्रों के बीच असुरक्षा और असंतोष का माहौल पैदा कर दिया है।
एक्सक्लुसिव : अचानक नोटिस से हड़कंप: उत्तराखंड विश्वविद्यालय के विवेकानंद छात्रावास खाली करने के आदेश से 120 छात्र परेशान,
