अंकित भंडारी प्रकरण में सियासी संग्राम, सुरेश राठौर और देशराज कर्णवाल आमने-सामने

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हरिद्वार (गौरव कुमार) अंकित भंडारी हत्याकांड से जुड़े ऑडियो प्रकरण को लेकर भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर और वर्तमान दर्जाधारी देशराज कर्णवाल के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता के दौरान देशराज कर्णवाल ने सुरेश राठौर पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि रविदासिया समाज उन्हें माफ नहीं करेगा और समाज से उनका बहिष्कार कर रहा है। खुद को रविदासाचार्य महामंडलेश्वर बताना गलत है। इनके पास उपाधि प्राप्त नहीं है और न ही किसी महामंडलेश्वर स्वामी से ज्ञान ही लिया है।

कर्णवाल ने कहा कि राठौर द्वारा खुद को मुकदमों से बरी बताया जाना गलत है। उनके खिलाफ दर्ज चार मामलों को दो मामलों में मर्ज किया गया है, जबकि उन्हें दोषमुक्त नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरेश राठौर ने राजनीतिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की छवि धूमिल करने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने मामले में अंतरिम संरक्षण आदेश को निरस्त किया था और भ्रामक ऑडियो क्लिप के आधार पर बिना साक्ष्य किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना गंभीर विषय है। कर्णवाल ने पूर्व राज्यसभा सांसद दुष्यंत कुमार गौतम पर लगाए गए आरोपों को भी अनुचित बताया।

वहीं, एक दिन पहले गुरुवार को सुरेश राठौर ने पत्रकारवार्ता कर कहा था कि उन्हें न्यायालय से राहत मिली है। उन्होंने कहा कि बहादराबाद और झबरेड़ा थानों में दर्ज दोनों मुकदमे समाप्त हो गए हैं और यह सच्चाई की जीत है। राठौर ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि वायरल ऑडियो क्लिप कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार की गई थी, जिसे उर्मिला सनावर ने प्रसारित किया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी नेता या अधिकारी के खिलाफ कोई ऑडियो, वीडियो या आपत्तिजनक बयान जारी नहीं किया।

इस मामले में दोनों पक्षों के दावे और आरोप अब सार्वजनिक रूप से आमने-सामने आ गए हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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