HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सरकार और जिला प्रशासन पूरा जोर लगा रहा है। जिलाधिकारी से लेकर पूरा अमला ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत शहर को मॉडल डिस्ट्रिक्ट बनाने में जुटा है। लेकिन इसी हरिद्वार के सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में स्थिति इसके ठीक उलट है। यहां सिडकुल प्रशासन मुख्य मार्गों और चौक-चौराहों की दिखावटी सफाई तो करा रहा है, लेकिन आंतरिक सड़कों और फैक्टरियों के आसपास गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। इससे मक्खी-मच्छरों की भरमार हो गई है, जिससे क्षेत्र में काम करने वाले हजारों मजदूरों और आसपास के निवासियों में बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा बना हुआ है।
सिडकुल (स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड) हरिद्वार का औद्योगिक क्षेत्र जिले का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां सैकड़ों फैक्टरियां हैं और रोजाना जिले के तमाम अधिकारी और कर्मचारी यहां से गुजरते हैं। प्रशासन के बड़े-बड़े दावे हैं कि क्षेत्र की सभी मुख्य और आंतरिक सड़कें स्वच्छ रखी जा रही हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां करती है। स्थानीय लोगों और फैक्टरी कर्मचारियों की शिकायत है कि मुख्य रोड की सफाई तो दिखावे के लिए की जाती है, लेकिन गलियों और बैक लेन में कचरे के ढेर महीनों से पड़े हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद सिडकुल अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे।
एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “यहां गंदगी से दुर्गंध फैली रहती है। मच्छरों और मक्खियों की वजह से डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। अधिकारी केवल वीआईपी विजिट के समय सफाई कराते हैं, बाकी समय अनदेखी करते हैं।”
सिडकुल हरिद्वार: मुख्य सड़कों की चमक, आंतरिक इलाकों में गंदगी के ढेर – अधिकारियों की अनदेखी से स्वास्थ्य पर खतरा