हरिद्वार(गौरव कुमार)। “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के पावन सिद्धांतों को आत्मसात कर वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति की अलख जगाने वाले सनातन धर्म-संस्कृति के संवाहक महामनीषी निरंजन स्वामी महाराज को यू.के. (लंदन) की धरा पर आयोजित प्रतिष्ठित ‘संत संसद’ में पूज्य संतों एवं विद्वानों के पावन सानिध्य में ‘ग्लोबल पीस अवॉर्ड’ (वैश्विक शांति पुरस्कार) से अलंकृत किया गया है।निरंतर विश्व भ्रमण कर संपूर्ण धरा को एक परिवार के रूप में जोड़ने और सनातन चेतना, विश्व शांति तथा सौहार्द का संदेश जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंजन स्वामी को अब अपार जनमानस द्वारा ‘ग्लोबल बाबा’ के नाम से भी संबोधित किया जा रहा है। विगत एक माह से जारी उनके अंतरराष्ट्रीय प्रवास के दौरान मिला यह प्रतिष्ठित सम्मान न केवल निरंजन स्वामी महाराज के तप और लोक-कल्याणकारी संकल्पों की सिद्धि है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनातन परंपरा, आध्यात्मिक मूल्यों और भारतीय मेधा की वैश्विक स्वीकार्यता का स्वर्णिम प्रतीक भी है।इस अवसर पर निरंजन स्वामी महाराज ने कहा कि संतों का जीवन धर्म एवं संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए समर्पित रहता है। संतों ने हमेशा राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधा है वह जीवन पर्यंत सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति के उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत रहेंगे।निरंजन स्वामी महाराज को प्राप्त इस वैश्विक सम्मान से संपूर्ण सनातन जगत गौरवान्वित और आनंदित है। हरिद्वार के संत समाज ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु होने की कामना की है।


