हरिद्वार (गौरव कुमार) सिडकुल के प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक पर करीब सवा करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा है। मामले को गंभीर मानते हुए महाप्रबंधक पूरण सिंह राणा ने उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है और आहरण-वितरण के सभी अधिकार वापस ले लिए हैं। ये अधिकार अब महाप्रबंधक (नियोजन) स्तर पर स्थानांतरित कर दिए गए हैं। साथ ही उन्हें 30 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
मामला बहादराबाद इंडस्ट्रियल एरिया के भूखंड संख्या डी-4, डी-5 और डी-6 के आवंटन और लीज निष्पादन से जुड़ा है। आरोप है कि आरएम ने बिना समुचित जांच के कब्जा प्रमाण पत्र और लीज प्रक्रिया एक साथ पूरी कर दी, जो नियमों के विपरीत है।
जांच में सामने आया कि डि-मर्जर नीति के तहत न्यूनतम 4000 वर्ग मीटर क्षेत्र और अधिकतम 25 प्रतिशत हिस्से का ही विभाजन संभव है, साथ ही शेष भूखंड तीन साल तक आवंटी के पास रहना चाहिए। इसके बावजूद पूरे भूखंड के ट्रांसफर की अनुमति दे दी गई।
5944.89 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले इस भूखंड पर लागू दरों के आधार पर करीब 1.20 करोड़ रुपये की शासकीय क्षति का अनुमान है। महाप्रबंधक ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी कैसे हुई और इस नुकसान की भरपाई संबंधित अधिकारी से क्यों न कराई जाए।
