हरिद्वार (गौरव कुमार) हरकी पैड़ी पर एक्स मुस्लिम प्रकरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को बिजनौर से आए हिंदू धर्म अपनाने वाले लोगों के जत्थे के गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के बाद अब संत समाज और गंगा सभा आमने-सामने आ गए हैं।
गंगा सभा अध्यक्ष द्वारा सोशल मीडिया पर जत्थे में शामिल दो लोगों के टोपी पहनने का विरोध किए जाने के बाद संतों ने कड़ा रुख अपनाया है। स्वामी रामविशाल दास ने पत्रकारवार्ता में कहा कि कार्यक्रम की पूर्व सूचना प्रशासन द्वारा गंगा सभा को दी गई थी, इसके बावजूद कोई पदाधिकारी मौके पर मौजूद नहीं रहा। उन्होंने कहा कि यदि किसी को आपत्ति थी तो उसी समय विरोध किया जाना चाहिए था, न कि बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से।
उन्होंने गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम और उज्ज्वल पंडित पर संत परंपरा और रामानंदी परंपरा का अपमान करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि तीन दिन बाद संतों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें उनके पद से हटाने पर विचार किया जाएगा।
स्वामी रामविशाल दास ने यह भी कहा कि जब प्रशासन और सरकार को इस कार्यक्रम से कोई आपत्ति नहीं थी, तो गंगा सभा के कुछ पदाधिकारियों द्वारा इसे मुद्दा बनाना उचित नहीं है।
