HINDUSTAN NEWS TODAY, टिहरी गढ़वाल। घनसाली क्षेत्र के ग्राम श्रीकोट चमियाला की 26 वर्षीय गर्भवती महिला नीतू देवी पत्नी दीपक पंवार को 18 नवम्बर को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर ले गए। वहां समुचित चिकित्सा सुविधाएं व डॉक्टर न होने के कारण उन्हें उच्च केंद्र रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही नीतू देवी और गर्भस्थ आठ माह के शिशु की मौत हो गई।
इस दुखद घटना की जानकारी 19 नवम्बर को विभिन्न समाचार पत्रों व ई-पोर्टल्स में खबर प्रकाशित होने के बाद खतौली (मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश) निवासी RTI एवं सामाजिक कार्यकर्ता नितिन सलूजा ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने 20 नवम्बर को उत्तराखंड राज्य मानवाधिकार आयोग, देहरादून तथा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों व स्टाफ के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई है।
आज नितिन सलूजा ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी टिहरी गढ़वाल डॉ. श्याम विजय सिंह से फोन पर विस्तृत चर्चा की। सीएमओ ने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट आज सायंकाल तक प्राप्त हो जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सलूजा ने सरकारी अस्पतालों में बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने तथा पर्याप्त स्टाफ की मांग महानिदेशालय व शासन से करने का सुझाव भी दिया, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।