हरिद्वार। सिडकुल क्षेत्र में पेंटागन के पीछे सूखी नदी में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। रात-दिन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन किया जा रहा है। हालात यह हैं कि खनन के दौरान 132 केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन के खंभों के नीचे से भी मिट्टी खोद दी गई है। इससे खंभों के कमजोर होकर गिरने का खतरा पैदा हो गया है। यदि विद्युत लाइन के खंभे गिरते हैं तो करोड़ों रुपये के नुकसान के साथ ही बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय स्तर पर इस क्षेत्र में खनन को लेकर पहले भी गंभीर स्थिति सामने आ चुकी है। करीब छह माह पहले खनन रोकने पहुंचे भेल प्रशासन के सुरक्षा गार्ड पर कथित तौर पर खनन माफियाओं ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चढ़ा दी थी। इसके बाद खनन क्षेत्र में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे, लेकिन इसके बावजूद एक बार फिर बड़े पैमाने पर मिट्टी का उठान शुरू हो गया है।
खनन माफियाओं ने इस स्थान को खोदकर पहाड़ जैसी जमीन को काफी हद तक समतल कर दिया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि निगरानी व्यवस्था और पूर्व की घटना के बावजूद अवैध खनन पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पा रही है।
132 केवी की विद्युत लाइन के खंभों के आसपास मिट्टी का कटान किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग इस मामले में कब कार्रवाई करते हैं या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा।



पेंटागन के पीछे सूखी नदी में अवैध खनन का खेल, 132 केवी लाइन के खंभों पर मंडराया खतरा