हरिद्वार(GAURAV KUMAR)। हरिद्वार वन प्रभाग के अंतर्गत वन क्षेत्रों में कथित अवैध वृक्ष कटान, अवैध खनन, अवैध शिकार और अन्य अवैध गतिविधियों के संबंध में लगाए गए आरोपों की जांच के आदेश जारी किए गए हैं। डीएफओ के आदेश का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उप वन संरक्षक, हरिद्वार वन प्रभाग ने रुड़की उप वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देशित किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष, तथ्यात्मक और साक्ष्य-आधारित जांच कर सात दिनों के भीतर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करें।
कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष आजाद अली द्वारा समाचार पत्रों के माध्यम से लगाए गए आरोप वन संरक्षण और जनहित से जुड़े गंभीर विषय हैं। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए विस्तृत जांच आवश्यक है।
जांच के दौरान शिकायतकर्ता से संपर्क करने, संबंधित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करने, क्षेत्रीय वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जानकारी लेने तथा उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आती है तो उसका स्पष्ट विवरण साक्ष्यों और छायाचित्रों सहित प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं, यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो उसके समर्थन में भी तथ्य और अभिलेख संलग्न करने को कहा गया है।
उप वन संरक्षक ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक आरोप पर अलग-अलग टिप्पणी करते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट पत्र प्राप्ति की तिथि से सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रकरण में समयबद्ध रूप से आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
