हरिद्वार (गौरव कुमार) वर्ष 2027 में हरिद्वार में प्रस्तावित अर्धकुंभ को “कुंभ” नाम देकर प्रचारित किए जाने के विरोध में दायर जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह विषय धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है, ऐसे में न्यायालय का हस्तक्षेप उचित नहीं माना जा सकता।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वह इस संबंध में अपना पक्ष राज्य सरकार के समक्ष प्रत्यावेदन के रूप में प्रस्तुत करें।
यह जनहित याचिका हरिद्वार निवासी अशोक त्रिपाठी अध्यक्ष गंगा सभा, द्वारा दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में अर्धकुंभ का आयोजन होना है, लेकिन राज्य सरकार इसे “कुंभ” के रूप में प्रचारित कर रही है।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि ऐसा कर सरकार केंद्र सरकार से अधिक बजट प्राप्त करने का प्रयास कर रही है, जो धार्मिक परंपराओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं के विपरीत है।
हालांकि, हाईकोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका को निरस्त कर दिया है।
अर्धकुंभ को कुंभ बताने की याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने किया हस्तक्षेप से इनकार
