हरिद्वार। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की सख्ती के दावों के बीच भूपतवाला क्षेत्र में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ओम विहार कॉलोनी स्थित वीर धाम के पास आवासीय नक्शा स्वीकृत कराकर दो होटलों का निर्माण पूरा कर लिया गया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक दोनों की कंपाउंडिंग फाइलें स्वीकृत नहीं हो सकी हैं। इसके बावजूद होटल धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं और कमरों की बुकिंग भी खुलेआम जारी है। सूत्रों के मुताबिक, एक होटल संचालक ने आर्किटेक्ट की मदद से प्राधिकरण अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकते हुए आवासीय श्रेणी में ही कंपाउंडिंग कराकर पूरे मामले को दबाने की कोशिश की। जबकि मौके पर स्पष्ट रूप से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इससे प्राधिकरण को लाखों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है। भूपतवाला में यह खेल नया नहीं है। क्षेत्र में लगातार ऐसे निर्माण सामने आ रहे हैं, जहां पहले आवासीय नक्शे पास कराए जाते हैं और बाद में उन पर बहुमंजिला होटल खड़े कर दिए जाते हैं। न साइड बैक का पालन होता है, न पार्किंग की कोई व्यवस्था की जाती है। इससे स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बार-बार निरीक्षण और नोटिस के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आखिर कार्रवाई से क्यों बच रहे हैं। क्या यह महज लापरवाही है या फिर संरक्षण में चल रहा अवैध निर्माण का खेल? प्राधिकरण की चुप्पी अब संदेहों को और गहरा रही है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भूपतवाला में अवैध निर्माण का यह सिलसिला और विकराल रूप ले सकता है।
नक्शा आवासीय, खड़े कर दिए होटल… भूपतवाला में नियमों की खुली धज्जियां, प्राधिकरण को लाखों का चूना
