HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में एक युवक की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। मृतक सहजल उर्फ साहिल भदौरिया निवासी हरिपुर कला, शांति मार्ग, थाना रायवाला, देहरादून, की मां वैशाली देवी ने 27 दिसंबर को कोतवाली ज्वालापुर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, साहिल 24 दिसंबर 2025 को अपने दोस्त के साथ लालपुल ज्वालापुर आया था और उसके बाद लापता हो गया।
30 दिसंबर को लालपुल के पास झाड़ियों में साहिल का शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया। परिजनों की तहरीर पर 31 दिसंबर 2025 को गुमशुदगी की रिपोर्ट को हत्या के मुकदमे में तब्दील कर दिया गया। जांच की जिम्मेदारी वरिष्ठ उप निरीक्षक खेमेंद्र गंगवार को सौंपी गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर गठित टीम ने शुक्रवार को आरोपी आर्य गिरी पुत्र विनोद गिरी, निवासी दुर्गा घाट शमशान घाट रोड, खड़खड़ी, कोतवाली नगर हरिद्वार को पुराना रानीपुर मोड़ रेलवे अंडरपास से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आर्य गिरी ने कबूल किया कि वह और साहिल पुराने दोस्त थे तथा दोनों ने साथ में कपड़े का व्यापार किया था। दोनों नशे के आदी थे और कई बार इंजेक्शन से एविल तथा स्मैक का नशा कर चुके थे। आर्य पर साहिल को व्यापार से संबंधित डेढ़ लाख रुपये देने थे। इसी कर्ज से बचने के लिए उसने एविल और स्मैक मिलाकर भारी मात्रा में डोज तैयार की। पहले खुद थोड़ी मात्रा ली और बाकी पूरी डोज साहिल को इंजेक्ट कर दी। उसे पता था कि इतनी अधिक मात्रा से साहिल की मौत हो जाएगी और कर्ज चुकाना नहीं पड़ेगा।
साहिल बेहोश होकर झाड़ियों में गिर गया। आर्य डरकर उसकी स्कूटी लेकर घर चला गया। बाद में परिजनों और पुलिस की पूछताछ में भी उसने सच नहीं बताया। आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से एक खाली एविल इंजेक्शन (10 एमएल), दो खाली सिरिंज (सुई लगी हुई) तथा दो प्लास्टिक रैपर बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपी को मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है। जांच टीम में वरिष्ठ उप निरीक्षक खेमेंद्र गंगवार, उप निरीक्षक समीप पांडेय, कांस्टेबल अमित गौड़ तथा राजेश बिष्ट शामिल थे।