देहरादून (गौरव कुमार) उत्तराखण्ड शासन ने प्रदेश के सभी राजकीय एवं निजी माध्यमिक व प्रारम्भिक विद्यालयों की समय सारिणी में आंशिक संशोधन करते हुए नया आदेश जारी किया है। सचिव रविनाथ रामन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार ग्रीष्मकाल (1 अप्रैल से 30 सितम्बर) और शीतकाल (1 अक्टूबर से 31 मार्च) के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है।
ग्रीष्मकाल में विद्यालयों में प्रार्थना सभा प्रातः 7:15 से 7:30 बजे तक होगी, जबकि शीतकाल में यह 8:45 से 9:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसके बाद क्रमशः कक्षाओं के पीरियड निर्धारित समयानुसार संचालित होंगे। मध्यांतर और कुल आठ पीरियड का विस्तृत समय भी तय किया गया है।
शासनादेश में यह भी प्रावधान किया गया है कि भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार यदि किसी विद्यालय को समय में बदलाव की आवश्यकता हो, तो जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति निर्णय लेगी। इसमें मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य शामिल होंगे।
शासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में शिक्षण अवधि में कमी नहीं की जाएगी। अन्य सभी शर्तें पूर्ववत लागू रहेंगी।
