HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। खानपुर रेंज के ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली और बसों में सवार होकर वन प्रभाग कार्यालय पहुंचे। उन्होंने खानपुर रेंजर पर महिलाओं के साथ छेड़छाड़, गालियां देने, रिश्वत मांगने और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाते हुए डीएफओ का घेराव किया। ग्रामीणों ने नारेबाजी की और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि रेंजर मवेशियों के लिए चारा लेने पर रोक लगाता है। सैकड़ों वर्ष पुराने जंगली रास्तों पर गड्ढे खुदवा दिए हैं। झोपड़ी बनाने के लिए फूंस लाने वाली महिलाओं की सिर पर रखी फूंस में आग लगा दी जाती है। वन गुज्जरों से हर महीने 20-25 हजार रुपये और रोजाना दूध मांगा जाता है। वहीं बड़े फार्म हाउसों के रास्तों पर कोई पाबंदी नहीं, लेकिन आम ग्रामीणों को ट्रैक्टर-ट्रक के बिना जंगल में जाने की अनुमति नहीं मिलती। जंगली जानवर गांव में घुस आएं तो भी कोई कार्रवाई नहीं होती, फोन तक नहीं उठाए जाते।
प्रदर्शन में दादूबांस, लालवाला, लाम, मजाहिदपुर, हलजोरा, मानुबंस, सिकरोढा, इब्राहिमपुर मसाई, फतेहपुर, बड़ी लाम, हाजरा ग्रंट सहित 20-25 गांवों के सैकड़ों लोग शामिल थे। पूर्व डीएफओ किशन चंद ने कहा कि ऐसे व्यवहार से पूरे विभाग की छवि खराब होती है। शिकायतें उच्च स्तर पर की जा चुकी हैं, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण अब आगे की रणनीति बना रहे हैं।
मौके पर उल्फत अली, भूरा कश्यप, सुमित कुमार, अमित कुमार, राहुल कुमार, वाजिद अली, असलम, साजिद, माया, सत्तो, मोनिका, शर्मिला, हुस्न जहां, भूरी, चांदनी आदि मौजूद रहे।