HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। तीर्थनगरी ऋषिकेश और उसके निकट रानी पोखरी क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां मृतकों के फेंके गए गद्दे-रजाइयों से रुई निकालकर उसे नई रुई में मिलाकर बाजार में बेचा जा रहा था। यह कार्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला और मानवता को शर्मसार करने वाला है, क्योंकि हिंदू परंपरा में मृतक के बाद उपयोग हुए बिस्तर को अपवित्र मानकर त्याग दिया जाता है।
रानीपोखरी पुलिस ने इस अवैध गिरोह का पर्दाफाश किया। आरोपी ऋषिकेश निवासी संजय को पुराने गद्दे-रजाइयां एकत्रित कर उन्हें उत्तर प्रदेश के अमरोहा निवासी सलमान और उसके पिता हामिद अली को बेचता था। सलमान और हामिद इस रुई को नई रुई में मिलाकर ऊंचे दाम पर ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में बेचते थे। पुलिस जांच में पता चला कि संजय इन पुराने बिस्तरों को 30 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदता और बेचता था।
मामला उस समय उजागर हुआ जब दांडी निवासी अमित सिंह ने हिंदू संगठनों की मदद से पुलिस को शिकायत की। थाना प्रभारी विकेंद्र चौधरी की टीम ने रानीपोखरी चौक पर छापेमारी की, जहां दुकान से पुराने गद्दों की रुई बरामद हुई। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया और कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया।