HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम डालूवाला कलां के मुख्य मार्ग पर नदी के रपटे (कॉजवे) के निर्माण में कथित तौर पर घटिया सामग्री के उपयोग का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को पूरी तरह रोक दिया, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा रपटे में मिट्टी और बारीक पत्थर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो मानकों के विपरीत है।
गांव के मुख्य मार्ग पर बन रहे इस रपटे का निर्माण सरकारी बजट से हो रहा है, लेकिन घटिया सामग्री के उपयोग से जनता का पैसा बर्बाद होने का खतरा पैदा हो गया है। किसान यूनियन के नेता रजत रोड़ ने मौके पर पहुंचकर ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “इस रपटे में ठेकेदार मिट्टी और बारीक पत्थर डाल रहा है। नदी में एक बार पानी आएगा तो पूरा रपटा बह जाएगा। सरकारी बजट का दुरुपयोग हो रहा है, जो जनता के टैक्स के पैसे से आता है। हम तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने देंगे, जब तक गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग नहीं किया जाता।”
ग्रामीणों का कहना है कि यह रपटा गांव की लाइफलाइन है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर यह मुख्य मार्ग ही आवागमन का एकमात्र साधन होता है। यदि घटिया निर्माण हुआ तो पूरा गांव अलग-थलग पड़ जाएगा। पिछले वर्षों में भी इसी तरह की शिकायतें उठी थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस बार किसान यूनियन के हस्तक्षेप से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है, लेकिन साथ ही आक्रोश भी बढ़ा है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार क्यों बार-बार सामने आ रहा है?
स्थानीय निवासियों ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने के कुछ दिनों बाद ही घटिया सामग्री का उपयोग नजर आने लगा। किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने तुरंत सूचना दी और बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। उन्होंने ठेकेदार के मजदूरों से काम रुकवाया और संबंधित विभाग को सूचित किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच नहीं हुई और गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।