प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से अवैध खनन, प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल

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हरिद्वार (गौरव कुमार) जिले में खनन प्रतिबंध के बावजूद रामपुर रायघाटी से चिड़ियापुर तक अवैध खनन का खेल धड़ल्ले से जारी है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नदियों में पोकलैंड मशीनों से खुलेआम खुदाई की जा रही है और ओवरलोड डंपरों के जरिए खनन सामग्री को स्टोन क्रशरों तक पहुंचाया जा रहा है। अवैध खनन का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लेकिन हिन्दुस्तान न्यूज टुडे इसकी पुष्टि नहीं करता है। उधर, हैरानी की बात यह है कि यह पूरा नेटवर्क दिन-रात सक्रिय है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन बंदी केवल कागजों तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर माफिया पूरी तरह सक्रिय हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से ग्रामीण सड़कों की हालत खराब हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। साथ ही, जंगल क्षेत्रों से गुजरने वाले डंपर पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

ग्रामीणों ने वन विभाग, खनन विभाग, पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी स्तर पर अवैध गतिविधियां बिना संरक्षण के संभव नहीं हैं। यदि प्रतिबंध लागू है, तो मशीनों की एंट्री और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही कैसे हो रही है, यह बड़ा प्रश्न बना हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार अनियंत्रित खनन से नदी की धारा, भूजल स्तर और पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई करता है या फिर प्रतिबंध केवल कागजी आदेश बनकर रह जाएगा।

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