हरिद्वार (गौरव कुमार) सिडकुल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रावली महदूद में 4 मार्च को होली के दिन एक गंभीर घटना घटी। ग्राम प्रधान प्रमोद पाल और उनके साथी आरोपी लोगों पर हाई कोर्ट के आदेश के बाद सिडकुल पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
महिला रजनी देवी पत्नी राजीव पाल की तहरीर के अनुसार, उनके पति राजीव पाल दोपहर करीब 12 बजे पड़ोस के राजेश के घर रंग लगाने गए थे। वहां पहले से ही ग्राम प्रधान प्रमोद पाल, उनके सगे भाई मनोज पाल, राजपाल, मोटी, नाथी, कल्लू, शिवम, जानसन पाल, राजवीर, विशाल, सुभाष चौहान समेत अन्य लोग खड़े थे।
राजीव पाल ने जैसे ही राजेश को रंग लगाया, सभी आरोपियों ने उन पर माँ-बहन की गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उन्होंने राजीव पाल के साथ मारपीट की। जब वह भागने लगे तो आरोपियों ने उन्हें पकड़कर प्रधान प्रमोद पाल की दुकान में बंधक बना लिया। वहां लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा गया और बंदूक-पिस्तौल दिखाकर धमकी दी कि यदि किसी को बताया या शिकायत की तो जान से मार देंगे तथा लाश का भी पता नहीं चलेगा। इसके बाद दुकान का शटर बंद कर ताला लगा दिया।
जब राजीव पाल घर नहीं पहुंचे तो रजनी देवी ने उनकी तलाश की। आरोपियों ने उनके साथ भी गाली-गलौज की और मारपीट कर कपड़े फाड़ दिए तथा लज्जा भंग करने का प्रयास किया। पुलिस को 112 पर सूचना दी गई, लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा। बाद में रजनी के जीजा विनीत ने अपने साथियों के साथ पहुंचकर राजीव पाल को बंधक मुक्त कराया।
तभी आरोपियों ने सभी पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला बोल दिया। इस घटना में राजीव पाल, दीपक, संकित, राजू और सतपाल घायल हुए, जिनका उसी दिन सरकारी अस्पताल हरिद्वार में मेडिकल कराया गया।
रजनी ने 25 अप्रैल को दी गई तहरीर में ग्राम प्रधान प्रमोद पाल, उनके सगे भाई मनोज पाल सहित कुल 13 लोगों के विरुद्ध धमकी, बंधक बनाना, मारपीट और लज्जा भंग करने की शिकायत दर्ज कराई। हाई कोर्ट के आदेश पर सिडकुल पुलिस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
