नीलधारा पार्किंग में शौचालय नहीं, खुले में शौच को मजबूर कांवड़िये, ओडीएफ दावों की खुली पोल, दुर्गंध से बीमारी का खतरा

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हरिद्वार। (गौरव कुमार) धर्मनगरी में शिवभक्त कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ के बीच चंडी पुल के नीचे स्थित नीलधारा पार्किंग स्थल की अव्यवस्थाएं उजागर हो गई हैं। पार्किंग स्थल पर शौचालय की व्यवस्था न होने से श्रद्धालु खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। इससे आसपास दुर्गंध फैल रही है और बीमारियों के पनपने का खतरा बढ़ गया है। खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) के दावों के बीच यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है।
शारदीय कांवड़ मेले के बीच प्रतिदिन बड़ी संख्या में कांवड़िये हरिद्वार पहुंच रहे हैं। कांवड़िये अपने वाहन चंडी पुल के नीचे नीलाधारा पार्किंग में खड़े कर गंगा स्नान और जलाभिषेक के लिए जाते हैं, लेकिन पार्किंग स्थल पर पेयजल, शौचालय और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं। बताते चलें कि सिंचाई विभाग खंड द्वारा नीलधारा पार्किंग की विधिवत नीलामी की जाती है। ठेका लेने वाले संचालक पार्किंग शुल्क तो वसूलते हैं, लेकिन श्रद्धालुओं को वह सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं जिनके नाम पर पार्किंग संचालित की जाती है। मगर ठेकेदार अपनी कमाई पर अधिक ध्यान देते हैं, जबकि स्वच्छता और व्यवस्थाओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है।महिलाओं, बुजुर्गों और दूरदराज से आए श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। खुले में शौच के कारण पार्किंग क्षेत्र और आसपास गंदगी फैल रही है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। सवाल उठता है कि धार्मिक सीजन के दौरान जब लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं, तब बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को आहत करती है, बल्कि प्रशासनिक दावों की भी पोल खोलती है। अब देखना यह होगा कि व्यवस्थाएं कब तक दुरुस्त होती हैं और ठेकेदारों की जवाबदेही कैसे तय की जाती है।

क्या कहते हैं जिलाधिकारी

मामले का संज्ञान लिया गया है और आज रात तक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाएगी। संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी हरिद्वार

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