इनसे सीखें : शगुन कौशल ने UPSC में 145वीं रैंक हासिल कर बढ़ाया जिले का गौरव, साक्षात्कार वरिष्ठ पत्रकार दीपक मौर्य

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हरिद्वार/नजीबाबाद। संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित UPSC Civil Services Examination 2025 में बिजनौर जिले के नजीबाबाद निवासी शगुन कौशल ने 145वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार, क्षेत्र और समाज का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि के बाद नजीबाबाद के आदर्श नगर स्थित आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

मूल रूप से बिजनौर जनपद की नजीबाबाद तहसील के ग्राम सराय आलम से ताल्लुक रखने वाले शगुन कौशल साधारण परिवार से आते हैं। उनके दादा स्वर्गीय फूल सिंह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदक में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे। परिवार में चार बच्चों के बीच पले-बढ़े शगुन ने कड़ी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया।

शगुन की प्रारंभिक शिक्षा नजीबाबाद के सेंट मैरी स्कूल से हुई। उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों परीक्षाओं में जिले में टॉप किया। इसके बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान Indian Institute of Technology Delhi से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसी दौरान उनके मन में सिविल सेवा में जाने का सपना जागा और उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ इसकी तैयारी शुरू कर दी।

पत्रकार दीपक मौर्य से बातचीत में शगुन कौशल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 में सिविल सेवा परीक्षा के मेंस तक पहुंचकर इंटरव्यू भी दिया था, लेकिन पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा पूरी मेहनत के साथ तैयारी की। परिवार के सहयोग और निरंतर अध्ययन के बल पर उन्होंने अगले प्रयास में यह सफलता हासिल की।

उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई अमर कौशल, जो आईटीआई मुरादाबाद में प्रधानाचार्य हैं, और बहन निशिका कौशल, जो अमरोहा में चिकित्सा अधिकारी हैं, ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। शगुन का कहना है कि उनके परिवार में पहले कोई प्रशासनिक सेवा में नहीं रहा, इसलिए उन्हें मार्गदर्शन की कमी जरूर महसूस हुई, लेकिन उन्होंने लगातार अध्ययन कर अपनी मंजिल हासिल की।

अपनी सफलता का श्रेय देते हुए शगुन ने कहा कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद का परिणाम है। उनके पिता पुष्पेंद्र कौशल ने बताया कि बेटे की पढ़ाई में सबसे बड़ा योगदान उसकी मां विनीता कौशल का रहा, जिन्होंने हर कदम पर उसका साथ दिया।


युवाओं के लिए शगुन की सीख

  • मजबूत फाउंडेशन और बेसिक विषयों पर पकड़ बनाना जरूरी है।
  • रोजाना समसामयिक घटनाओं और करंट अफेयर्स पर ध्यान दें।
  • असफलता से घबराएं नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर दोबारा प्रयास करें।
  • जरूरत पड़े तो कोचिंग या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की मदद लें।
  • लक्ष्य तय कर अनुशासन के साथ नियमित पढ़ाई करें।

देश सेवा को बताया जीवन का उद्देश्य

शगुन कौशल ने कहा कि उनका पहला लक्ष्य पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ देश की सेवा करना है। वे प्रशासनिक सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के साथ समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए भी कार्य करना चाहते हैं।


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