खबर पढ़े, हिन्दुस्तान न्यूज़ टुडे में, देहरादून। उत्तराखण्ड एससी-एसटी एम्प्लाईज फैडरेशन के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र सिंह बुटोइया ने कार्यभार संभालते ही साहसिक कदम उठाया। उन्होंने अपने खून से लिखा एक 11 सूत्रीय ज्ञापन भारत के प्रधानमंत्री और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री को ईमेल के माध्यम से भेजा, जिसे जल्द पंजीकृत डाक से भी प्रेषित किया जाएगा। इस ज्ञापन में इरशाद हुसैन आयोग की रिपोर्ट को विधानसभा में पेश कर अधिनियम बनाने, बैकलॉग पदों पर विशेष भर्ती, सफाई कर्मियों की नियमित नियुक्ति, निजीकरण व आउटसोर्सिंग में आरक्षण लागू करने, कार्मिक संगठनों को मान्यता, भारतीय न्यायिक सेवा आयोग के गठन, तहसील स्तर पर शिकायत निवारण समिति, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और समाज कल्याण छात्रवृत्ति प्रक्रिया को सरल करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
डॉ. बुटोइया ने अनुसूचित जनजाति को फैडरेशन की कार्यकारिणी में शामिल करने की घोषणा की और अनुसूचित जाति-जनजाति एंप्लाइज एसोसिएशन के एकीकरण के लिए प्रदेश अध्यक्ष मदन कुमार शिल्पकार का आभार जताया। उन्होंने अगले तीन महीनों में सदस्यता अभियान और जिला कार्यकारिणी के पुनर्गठन की योजना भी साझा की, साथ ही प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रणनीति तैयार करने की बात कही।
मजबूत संदेश, सशक्त मांग: डॉ. बुटोइया का यह कदम न केवल SC-ST कर्मचारियों की मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास है, बल्कि सामाजिक न्याय के लिए उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।