हरिद्वार। जमीन निवेश के नाम पर 60 लाख रुपये की ठगी के चर्चित मामले में अब गवाहों की सुरक्षा पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। पीड़िता चारु अग्रवाल (पत्नी पवन अग्रवाल, पेटल वुड सोसायटी, बहादराबाद रोड निवासी) ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी जगजीवनराम (पूर्व भाजपा पदाधिकारी) और उनके साथी जमानत पर रिहा होने के बाद लगातार वादी तथा गवाहों को धमका रहे हैं, ताकि वे अदालत में साक्ष्य न दे सकें।
शिकायत के आधार पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने जगजीवनराम समेत दो लोगों के खिलाफ गवाहों को डराने-धमकाने, दबाव बनाने और आपराधिक धमकी के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चारु अग्रवाल ने 20 सितंबर 2024 को जगजीवनराम, उनके रिश्तेदारों और साथियों के खिलाफ ठगी, फर्जी दस्तावेज, मारपीट, अपहरण और जान से मारने की धमकी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मामला ट्रायल पर है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी पक्ष द्वारा परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
21 सितंबर 2024 को पवन अग्रवाल को रास्ते में रोककर जान से मारने की धमकी दी गई। 5 अक्टूबर 2024 को ज्वालापुर से घर लौटते समय दंपति के साथ मारपीट हुई, जिसकी मेडिकल जांच कराई गई। एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है, जिसमें परिवार की हत्या की साजिश की बात कही गई है, जो पुलिस को सौंपी गई। 25 अक्टूबर 2024 को जेठ हितेश अग्रवाल को रोशनाबाद न्यायालय में धमकाया गया, जिसका अलग मुकदमा सिडकुल थाने में दर्ज है।
आरोपी पक्ष द्वारा गवाहों को डराने के लिए झूठे प्रार्थना पत्र और मुकदमे दर्ज कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। कई मामलों में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें आरोप निराधार पाए गए। हाल ही में आरोपी के भांजे द्वारा सोसायटी में घुसकर धमकी दी गई, जिसकी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है।
पीड़िता ने बताया कि लगातार धमकियों से पूरा परिवार भय में जी रहा है। घर से निकलना, बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो गया है, सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त है। कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने कहा कि तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच चल रही है। पुलिस ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।