हरिद्वार पुलिस की मुस्तैदी: कुछ घंटों में सुलझाया अंधा कत्ल, सिर्फ़ संपत्ति के लिए पिता को उतारा मौत के घाट

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HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। रिटायर्ड वायुसेना कर्मी भगवान सिंह की गोली मारकर हत्या करने वाला हत्यारा कोई और नहीं, उनका अपना 21 साल का बेटा यशपाल था, जिसने दो दोस्तों के साथ मिलकर पिता की हत्या की भयावह साजिश रची थी। वजह? पिता की करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्ज़ा और बेदखली की धमकी से नाराज़गी।

यशपाल ने पिता को झूठी शादी का बहाना बनाकर शाम करीब 8 बजे घर से निकाला। कार में बैठाकर ज्वालापुर-बहादराबाद नहर पटरी पर ले गया। पहले से तय योजना के मुताबिक जटवाड़ा पुल से आगे बैराज के पास उसके दोनों साथी ललित मोहन उर्फ राजन और शेखर इंतज़ार कर रहे थे। यशपाल ने पिता से कहा, “पापा आप ड्राइविंग सीट पर बैठिए, मैं थक गया हूँ।” जैसे ही भगवान सिंह ड्राइवर सीट पर आए, यशपाल खुद ड्राइवर बन गया और राजन को “मेरा दोस्त है, शादी में ही जा रहा है” कहकर पीछे की सीट पर बिठा लिया। कुछ पल बाद ही राजन ने 315 बोर का देशी तमंचा निकाला और भगवान सिंह की कनपटी पर दो गोलियाँ दाग दीं। पिता तड़पकर कार में ही ढेर हो गए। राजन और शेखर मौके से फरार हो गए, जबकि यशपाल ने पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर फ़ोन करके झूठी कहानी गढ़ी कि “एक अज्ञात व्यक्ति ने लिफ्ट मांगी और पापा को गोली मार दी।”

पर हरिद्वार पुलिस को यह नाटक समझने में देर नहीं लगी। SSP हरिद्वार के निर्देश पर SP सिटी और ASP ज्वालापुर के नेतृत्व में थाना बहादराबाद, कोतवाली रानीपुर और CIU की संयुक्त टीमों ने तफ्तीश शुरू की। यशपाल से जब सख्ती से पूछताछ हुई तो वह बार-बार बयान बदलता रहा। दोस्त का नाम, शादी का पता, कुछ भी स्पष्ट नहीं बता पाया। आख़िरकार कई घंटे की पूछताछ के बाद टूट गया और सच उगल दिया।

यशपाल ने कबूला कि पिता उसकी बुरी आदतों और गलत संगत से तंग आ चुके थे। संपत्ति उसके नाम करने से साफ इनकार कर दिया था और बेदखल करने की धमकी भी दे रहे थे। बस यही बात कलयुगी बेटे को इतनी चुभ गई कि उसने पिता को ही रास्ते से हटाने का प्लान बना लिया। दोस्तों को 30 लाख रुपये नकद और एक स्कॉर्पियो गाड़ी देने का लालच दिया। तीनों ने दिन में ही नहर पटरी पर रेकी की थी और रात में प्लान को बाखूबी अंजाम दे दिया।

पुलिस ने यशपाल, ललित मोहन उर्फ राजन और शेखर को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। राजन की निशानदेही पर सीतापुर में किराए के मकान से हत्या में इस्तेमाल तमंचा, खोखा कारतूस, खून लगी जैकेट और जूते बरामद कर लिए गए।

यह घटना सिर्फ़ एक हत्या नहीं, रिश्तों की बुनियाद को हिला देने वाला अपराध है। जहाँ माँ-बाप ज़िंदगीभर बच्चों के लिए जीते-मरते हैं, वहीं यह बेटा सिर्फ़ संपत्ति के लालच में अपने बुजुर्ग पिता की जान लेने से नहीं चूका। हरिद्वार पुलिस की तत्परता और सूझबूझ सराहनीय है, जिसने कुछ ही घंटों में इस जघन्य अपराध का पर्दाफाश कर तीनों कलयुगी हत्यारों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।

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