हरिद्वार (गौरव कुमार) उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में शनिवार को ‘विकसित भारत के निर्माण में संस्कृत युवा लेखकों का योगदान’ विषय पर एक दिवसीय सेमिनार और अखिल भारतीय संस्कृत कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय, साहित्य अकादमी और गंगा सभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय की अध्यक्षता में होने वाले इस कार्यक्रम में संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गैरोला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कुलपति ने प्रेस क्लब में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि सेमिनार का शुभारंभ प्रातः 10 बजे सरस्वती सभागार में होगा। इसमें प्रो. राधावल्लभ त्रिपाठी, पद्मश्री प्रो. अभिराज राजेंद्र मिश्र और प्रो. हरेकृष्ण सतपथी जैसे प्रख्यात विद्वान विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लेंगे।
दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक चलने वाले अकादमिक सत्रों में देशभर के विद्वान राष्ट्रीय शिक्षा नीति, आधुनिक भारत में रामायण की प्रासंगिकता सहित विभिन्न विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। इनमें डॉ. उमा महेश्वर, डॉ. सुरचना त्रिवेदी, डॉ. पंकज कुमार झा, डॉ. ऋषिराज पाठक और डॉ. राजकुमार मिश्र प्रमुख हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत सायं 6:30 बजे हरकी पैड़ी स्थित मालवीय द्वीप पर अखिल भारतीय संस्कृत कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 20 कवि अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे।
कार्यक्रम संयोजक प्रो. रामरत्न खंडेलवाल, प्रो. अरविंद्र नारायण मिश्र और डॉ. उमेश शुक्ल, प्रो. रूपेश शर्मा और प्रो. प्रविंद्र कुमार ने आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
संस्कृत विश्वविद्यालय में शनिवार को सेमीनार व अखिल भारतीय संस्कृत कवि सम्मेलन