हरिद्वार। ई-रिक्शाओं की बढ़ती संख्या से ट्रैफिक जाम की समस्या गंभीर हो गई है। शहर में 12 हजार से अधिक ई-रिक्शाएं संचालित हो रही हैं, जो बेतरतीब तरीके से दौड़ने के कारण यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। इस समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने ई-रिक्शाओं के लिए विशेष रूट प्लान लागू किया है।
इस योजना के तहत शहर में 16 रूट निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें कलर कोडिंग के आधार पर अलग-अलग किया गया है। प्रत्येक ई-रिक्शा को अपने निर्धारित रूट पर ही चलना अनिवार्य होगा। हाईवे पर ई-रिक्शाओं का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। रूट प्लान का उद्देश्य ट्रैफिक कंजेशन कम करना और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना है।
इसके साथ ही ई-रिक्शा चालकों और वाहनों का सत्यापन अनिवार्य किया गया है। रोशनाबाद स्थित एआरटीओ कार्यालय में डीएम ने अभियान की शुरुआत करते हुए ई-रिक्शाओं पर क्यूआर कोड लगाने की प्रक्रिया शुरू की। इस क्यूआर कोड को स्कैन करने पर रिक्शा की पूरी जानकारी जैसे चालक का नाम, लाइसेंस, रूट डिटेल्स, वाहन नंबर आदि तुरंत उपलब्ध हो जाएगी। इससे नियम उल्लंघन करने वालों पर आसानी से कार्रवाई संभव होगी और मनमानी रूट पर चलने से रोका जा सकेगा।
ट्रैफिक जाम पर लगाम! हरिद्वार में ई-रिक्शाओं के लिए रूट प्लान लागू