HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। ऋषिकुल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक डॉक्टर पर ट्रेनी डॉक्टरों, खासकर छात्राओं को अपने निजी अस्पताल में अनिवार्य ड्यूटी कराने का आरोप लगा है। ज्वालापुर स्थित गुरु कृपा अस्पताल चलाने वाली इस डॉक्टर के खिलाफ ट्रेनी छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया है। परिजन कॉलेज कैंपस में जमा हो गए हैं और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ट्रेनी डॉक्टरों का आरोप है कि डॉक्टर उन्हें बिना सहमति के निजी अस्पताल में काम करने के लिए मजबूर कर रही हैं, जो मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों का उल्लंघन है। छात्राओं के परिजनों ने बताया कि इससे उनकी शिक्षा और सुरक्षा प्रभावित हो रही है। पूर्व में इसकी शिकायत हरिद्वार के डीएम को भी की जा चुकी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
परिजनों का आरोप है कि गुरु कृपा अस्पताल पहले भी विवादों में रहा है। यहां नॉर्मल डिलीवरी की गारंटी देने के नाम पर प्रसूताओं की जान जोखिम में डाल देते हैं। स्थानीय स्तर पर यह अस्पताल प्रसव सेवाओं के लिए जाना जाता है, लेकिन गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल उठते रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है।