हरिद्वार(गौरव कुमार) वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की सियासत ने अभी से करवट लेनी शुरू कर दी है। राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है और दिग्गज नेताओं की सीटों पर नए और प्रभावशाली चेहरे चुनौती बनकर उभर रहे हैं। यह स्थिति किसी एक विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि जनपद हरिद्वार की लगभग हर विधानसभा में चुनावी सरगर्मी साफ दिखाई देने लगी है।
दल-बदल, शक्ति प्रदर्शन और जनसमर्थन जुटाने की होड़ के बीच अब रानीपुर विधानसभा भी राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गई है।
रानीपुर में बदले सियासी समीकरण
रानीपुर विधानसभा क्षेत्र में एक बार फिर राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। क्षेत्र के चर्चित चेहरे मनोज धनगर ने कांग्रेस में वापसी का मन बना लिया है। मनोज धनगर पहले भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं और पार्टी पदाधिकारी के रूप में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। वहीं, उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल के दौरान उनका करीबी भी माना जाता रहा है।
लंबे समय से दोनों प्रमुख दलों से दूरी बनाए रखने के बाद अब धनगर ने पुनः कांग्रेस का दामन थामने का निर्णय लिया है। इसके लिए वे देहरादून स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय में औपचारिक रूप से सदस्यता ग्रहण करेंगे।
शक्ति प्रदर्शन की तैयारी, सैकड़ों वाहन जाएंगे देहरादून
सूत्रों के अनुसार, मनोज धनगर के कांग्रेस में शामिल होने के कार्यक्रम को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि रानीपुर विधानसभा क्षेत्र से 300 से अधिक छोटे-बड़े वाहनों में समर्थक और कार्यकर्ता देहरादून पहुंचेंगे।
यह कार्यक्रम केवल एक साधारण जॉइनिंग नहीं, बल्कि आगामी चुनाव की रणनीतिक शुरुआत माना जा रहा है। क्षेत्र में अभी से चर्चा है कि धनगर रानीपुर सीट से कांग्रेस के प्रबल दावेदार के रूप में उभर रहे हैं। हालांकि पार्टी स्तर पर अभी टिकट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धनगर की सक्रियता और जनसंपर्क अभियान उनकी दावेदारी को मजबूत बना रहे हैं।
टिकट की दावेदारी और चुनावी दावा
मनोज धनगर का दावा है कि उनके साथ हर समाज और वर्ग के लोग जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ है। वे कहते हैं कि पार्टी यदि उन्हें कोई जिम्मेदारी सौंपती है तो वह उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें रानीपुर विधानसभा से टिकट मिलता है तो वे इस सीट को कांग्रेस की झोली में डालने का पूरा प्रयास करेंगे।
2027 के चुनाव को लेकर जिस तरह से रानीपुर सहित पूरे हरिद्वार जनपद में राजनीतिक हलचल बढ़ रही है, उससे साफ है कि आने वाला चुनाव मुकाबले को और भी दिलचस्प बना सकता है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस नेतृत्व रानीपुर सीट को लेकर क्या रणनीति अपनाता है और क्या मनोज धनगर को आधिकारिक रूप से मैदान में उतारा जाता है या नहीं।