HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के बीच उत्तराखंड पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस ने साफ कहा कि इस मामले में किसी भी वीआईपी की संलिप्तता नहीं है। जांच पूरी तरह निष्पक्ष, तथ्यपरक और कोर्ट के निर्देशों के अनुसार की गई, जिसे अदालत ने भी स्वीकार किया है।
हरिद्वार देहात के एसपी शेखर सुयाल ने शनिवार को देहरादून में पत्रकारों को बताया कि एसआईटी की गहन जांच और पुख्ता सबूतों के आधार पर तीनों आरोपी—रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारी—को उम्रकैद की सजा हो चुकी है और वे जेल में हैं। कथित वीआईपी एंगल की जांच में रिसॉर्ट आने-जाने वाले हर व्यक्ति की पड़ताल की गई। नोएडा निवासी एक व्यक्ति रिसॉर्ट में केवल भोजन करने और जमीन की डील के सिलसिले में आया था। वह डेढ़-दो घंटे रुका और उसका मामले से कोई संबंध नहीं निकला।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि रिसॉर्ट के किसी कमरे को साक्ष्य मिटाने के लिए नहीं तोड़ा गया। सभी वीडियो सबूत और दस्तावेज कोर्ट में पेश किए जा चुके हैं। किसी को बचाने या सबूत छिपाने का प्रयास नहीं किया गया। वायरल ऑडियो क्लिप से जुड़े आरोपों पर अलग एसआईटी जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की कि कोई ठोस सबूत हो तो आगे आएं, ताकि जांच और मजबूत हो सके। (शब्द संख्या: १९८)