HINDUSTAN NEWE TODAY, हरिद्वार। सोमवार सुबह करीब 6:45 बजे हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस ने राजाजी टाइगर रिजर्व के मोतीचूर रेंज में रेलवे ट्रैक पार कर रहे एक हाथी के नवजात शावक को कुचल दिया। मौके पर ही शिशु हाथी की मौत हो गई। जिससे हावड़ा एक्सप्रेस सहित कई अन्य ट्रेनें देरी से चलीं। वन विभाग और रेलवे की टीम मौके पर पहुंचकर शव को हटाने और जांच में जुट गई है।
बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले 15 सालों में हरिद्वार-देहरादून-ऋषिकेश रेलवे लाइन पर हाथियों के ट्रेन से कुचले जाने की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
कुछ प्रमुख हादसे:
- 30 दिसंबर 2012: मोतीचूर के पास कई हाथी कुचले गए, जिसमें एक गर्भवती मादा भी शामिल थी।
- 2015-2022 के बीच: कम से कम कई हाथी और 2 बाघ ट्रेन हादसों में मारे गए।
- नवंबर 2023: हरिपुर कालोनी के पास एक वयस्क हाथी की मौत।
- मार्च 2025: चीला के पास एक और शावक कुचला गया।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि राजाजी टाइगर रिजर्व को जोड़ने वाला यह 18 किमी का कॉरिडोर हाथियों का पारंपरिक मार्ग है, लेकिन तेज रफ्तार ट्रेनें और अंडरपास की कमी के कारण हादसे लगातार हो रहे हैं। बार-बार की घटनाओं के बावजूद रेलवे और वन विभाग के बीच समन्वय की कमी अब भी बरकरार है।