खबर पढ़े, हिन्दुस्तान न्यूज़ टुडे, हरिद्वार। रानीपुर क्षेत्र में डॉक्टर से रंगदारी मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटों में सुलझा दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार के सख्त निर्देशों पर कोतवाली रानीपुर की टीम ने दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, साथ ही अवैध हथियार और वाहन बरामद किए।
एक नवंबर को कोतवाली रानीपुर पर डॉ. जितेंद्र चंदेला के पुत्र भावेश प्रताप चंदेला ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि मोबाइल नंबर धारक आजाद गुज्जर (निवासी कुआंखेड़ा, लक्सर) ने आश्रम निर्माण के नाम पर 3.5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। पैसे न देने पर डॉक्टर और उनके परिवार को गोली मारने की खुली धमकी दी गई। इसकी सूचना मिलते ही हरिद्वार में सनसनी फैल गई। SSP ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत विशेष टीम गठित की और अनावरण के निर्देश दिए। मुकदमा धारा 308(4) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया।
रानीपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तुरंत एक्शन लिया। 1 नवंबर की रात्रि को सेक्टर-1 स्थित बीएचईएल मटेरियल गेट के पास मोटरसाइकिल (स्प्लेंडर UK08AG0783) पर सवार दोनों आरोपी दबोचे गए। मुख्य आरोपी आजाद गुज्जर (उम्र 32 वर्ष, पुत्र महिपाल) के कब्जे से एक देशी तमंचा .315 बोर सहित दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। उसके साथी सुरेंद्र गुर्जर (उम्र 63 वर्ष, पुत्र बासी) के पास से अवैध चाकू जब्त किया गया। दोनों कुंआखेड़ा गांव के ही निवासी हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि 31 अक्टूबर की शाम को शराब पीते हुए योजना बनी। आजाद ने डॉक्टर को फोन कर रंगदारी मांगी, जो न देने पर धमकी दी। रकम मिलने की आस में वे तमंचा-चाकू लेकर डॉक्टर के घर धमकाने निकले थे। पुलिस ने मैनुअल पेट्रोलिंग के जरिए उन्हें पकड़ा, जो अपराध रोकने का बेहतरीन उदाहरण है। मामले में धारा 3/4/25 आर्म्स एक्ट जोड़ी गई, और दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
यह गिरफ्तारी हरिद्वार पुलिस की दक्षता को दर्शाती है। SSP के नेतृत्व में रानीपुर थाने की टीम—प्रभारी निरीक्षक शांति कुमार, वउनि नितिन चौहान, उनि विकास रावत, अउनि सुबोध घिल्डियाल, हेका विमल नेगी, कांस्टेबल पप्पू लाल और नरेंद्र राणा—ने सराहनीय कार्य किया।