HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। कोरोना काल में दूसरों के अंतिम संस्कार के लिए दिन-रात मुफ्त शव वाहन चलाने वाले पंजाबी धर्मशाला के पूर्व मैनेजर लकी शर्मा की मौत के बाद उनके साथ जो हुआ, उसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार देर रात उनकी मृत्यु के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया था, लेकिन शनिवार सुबह जब परिजन शव लेने पहुंचे तो देखकर उनके होश उड़ गए। परिवार के लोगों का कहना है कि फ्रीजर खराब होने के कारण सामान्य तापमान में रखे शव की दोनों आंखें और सिर का कुछ हिस्सा चूहों ने नोच कर खा लिया था।
आक्रोशित परिजनों व स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में भारी हंगामा किया। नारे लगाते हुए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही पर सवाल उठाए। मृतक के भाई व रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि मोर्चरी में न तो फ्रीजर काम कर रहा है और न ही कोई चौकीदार या सुरक्षा कर्मी तैनात है। चूहे खुलेआम घूम रहे हैं। परिजनों का कहना था कि जिस व्यक्ति ने जीवन भर दूसरों की सेवा की, उसकी लाश को भी सम्मान नहीं मिल सका।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने इसे “इंसानियत की हत्या” करार दिया। सोशल मीडिया पर भी घटना तेजी से वायरल हो रही है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब शहर के घाट, पार्क और सीवेज लाइन तक चूहों ने खोद डाले हैं, तो मोर्चरी में शवों की सुरक्षा कैसे हो सकती है?
अस्पताल प्रशासन ने मामले में लीपापोती करते हुए कहा कि पोस्टमार्टम हो चुका है और शव परिजनों को सौंप दिया गया है। लेकिन कोई भी अधिकारी यह बताने को तैयार नहीं कि फ्रीजर महीनों से खराब पड़ा है और चूहों के आतंक की कोई रोकथाम क्यों नहीं की गई।
परिजनों ने चेतावनी दी है कि अगर दोषी अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। यह घटना जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा रही है कि यहां जिंदा मरीजों का तो पता नहीं, मगर मरने के बाद भी इंसान सुरक्षित नहीं है।