HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। आगामी अर्धकुंभ को लेकर अखाड़ों और संत समाज में असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। अवधूत मंडल आश्रम के अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने रविवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अर्धकुंभ तो अर्धकुंभ ही रहेगा, उसे भव्य-दिव्य बनाने की बातें सिर्फ दिखावा हैं। सरकार ने अब तक किसी भी अखाड़े को औपचारिक आमंत्रण नहीं दिया है, फिर यह कैसा कुंभ होगा?
स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष की नसीहत पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, “अखाड़ा परिषद कुंभ के लिए अस्थायी रूप से बनता है। वहां एक व्यक्ति को सिर्फ सरकार से बात करने के लिए अध्यक्ष बनाया जाता है, यह पद स्थायी नहीं है। कोई हिटलरशाही नहीं चल रही है। गरिमा में रहते हुए हर संत को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि नासिक में पूर्ण कुंभ होगा जहां धर्म ध्वजा फहराई जाएगी, जबकि हरिद्वार में सिर्फ श्रद्धालुओं के स्नान के लिए आयोजन होगा। अर्धकुंभ में न पेशवाई होती है, न शाही स्नान।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने संतों के विरोध को खारिज करते हुए कहा कि जहां अर्धकुंभ होना है, वहां अर्धकुंभ ही होगा और जहां पूर्ण कुंभ होना है, वहां कुंभ। सरकार अर्धकुंभ को भी पूर्ण कुंभ की तरह भव्य बनाने की पूरी कोशिश कर रही है। पहले भी हरिद्वार में अर्धकुंभ सुचारु रूप से संपन्न हुए हैं और इस बार भी बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहीं होगी। स्थानीय लोग भी पूरा सहयोग करते हैं।