HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। कुंभ 2026 को लेकर संतों के रुख ने प्रशासन में खलबली मचा दी है। संतों ने सरकार से औपचारिक निमंत्रण न मिलने पर नाराजगी जताई थी। जूना अखाड़े सहित कई अखाड़ों ने नासिक कुंभ की तैयारियों में व्यस्तता का हवाला देते हुए हरिद्वार कुंभ में शामिल होने पर असमर्थता जताई थी। इस बीच, जूना अखाड़े ने प्रेस नोट जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी।
संतों के मिजाज को भांपते ही कुंभ मेला प्रशासन हरकत में आया। आनन-फानन में अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती को जूना अखाड़े भेजा गया। मुलाकात के बाद महंत हरिगिरी ने बयान दिया कि जल्द ही सभी अखाड़ों को सरकार की ओर से निमंत्रण मिलेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी अखाड़े शाही स्नान में भाग लेंगे और हरिद्वार कुंभ को ऐतिहासिक बनाने में योगदान देंगे।
प्रशासन अब संतों के सहयोग से कुंभ की तैयारियों को गति देने में जुट गया है। इस घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि संतों की सहभागिता के बिना कुंभ की भव्यता अधूरी है।