HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। बहादराबाद बाईपास पर स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान पर जिला आबकारी अधिकारी कैलाश बिंजोला की टीम ने बुधवार रात करीब 8:30 बजे अचानक धावा बोला। “गंभीर अनियमितताएं” बताकर शटर गिरवाया गया और दुकान को पूरे 20-30 मिनट के लिए बंद करा दिया गया। लेकिन हैरानी की बात यह कि ठीक आधे घंटे बाद अधिकारी खुद शटर उठवाकर चले गए और दुकान फिर से चालू हो गई।
आबकारी अधिकारी का एकमात्र जवाब था – “3-4 पेटियां बाहर सप्लाई हो रही थीं।” बस इतनी सी बात के लिए दुकान बंद? और वो भी सिर्फ 30 मिनट? सवाल यह है कि क्या 30 मिनट में अवैध सप्लाई करने वाले लोग पकड़े गए? स्टॉक रजिस्टर सुधरा? लाइसेंस की कमियां पूरी हुईं? या सिर्फ कैमरे के सामने “ऐक्शन” के लिए यह तमाशा किया गया?
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि न तो कोई पंचनामा हुआ, न कोई जब्ती हुई, न जुर्माना कटा और न ही कोई लिखित नोटिस थमाया गया। बताया गया है कि ये ड्रामा हर कुछ दिनों में होता है। बस फोटो खिंचवाकर अधिकारी अपनी पीठ थपथपा लेते हैं।”
सवाल उठ रहे हैं – अगर सचमुच अनियमितता थी तो दुकान क्यों नहीं सील की गई? लाइसेंस क्यों नहीं निलंबित हुआ? और अगर कोई गंभीर बात नहीं थी तो 30 मिनट का यह नाटक क्यों?
जिम्मेदार अधिकारी कैलाश बिंजोला से बार-बार पूछने पर भी अनियमितताओं का ठोस विवरण नहीं दिया गया। जनता पूछ रही है – क्या आबकारी विभाग सिर्फ अपनी धाक जमाने और मीडिया हैडलाइन बटोरने के लिए ऐसे ड्रामे कर रहा है?