HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख योद्धा एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट का मंगलवार तड़के 79 वर्ष की आयु में हरिद्वार स्थित अपने निवास पर निधन हो गया। उनके निधन से राज्य ने एक सच्चे जनसेवक और संघर्षशील नेता खो दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य निर्माण आंदोलन से लेकर जनसेवा तक दिवाकर भट्ट का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने भी शोक संवेदना व्यक्त की।
1 अगस्त 1946 को टिहरी गढ़वाल के सुपार गांव में जन्मे दिवाकर भट्ट छात्र जीवन से ही आंदोलनों से जुड़े रहे। उत्तराखंड अलग राज्य आंदोलन में उन्हें ‘फील्ड मार्शल’ की उपाधि मिली। खेट पर्वत पर राज्य की मांग को लेकर की गई उनकी 31 दिन की ऐतिहासिक भूख हड़ताल आज भी लोगों को प्रेरित करती है। 1977 में वे उत्तराखंड क्रांति दल के उपाध्यक्ष बने।
मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी सरकार (2007-2012) में वे राजस्व, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रहे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर उनका अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह 11 बजे हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा