HINDUSTAN NEWS TODAY, देहरादून। जिले के ग्रामीण इलाकों में गुलदार की लगातार बढ़ती सक्रियता के कारण बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। कुछ दिन पहले खोह नदी के पास चवथ ग्राम सभा क्षेत्र में एक युवक की गुलदार के हमले में मौत हो जाने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है।
इसके चलते पौड़ी गढ़वाल जिले के तीन संकुलों – बाडा, चरघार और ढांढरी – के अंतर्गत आने वाले कुल 55 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को मंगलवार तक पूरी तरह बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि इस दौरान कक्षाएं ऑनलाइन मोड में नियमित रूप से चलाई जाएं।
उप शिक्षा अधिकारी (बेसिक) आनंद ने बताया कि “बच्चों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। इसलिए जब तक गुलदार की मूवमेंट कम नहीं हो जाती, तब तक स्कूल भौतिक रूप से बंद रहेंगे, लेकिन शिक्षक घर से ही ऑनलाइन क्लास लेंगे।”
इसके अलावा जिलाधिकारी डॉ. स्वाति एस. भदौरिया ने जंगली जानवरों की बढ़ती सक्रियता और वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पूरे जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में भी बदलाव किया है। नए आदेश के अनुसार अब जिले में सभी स्कूल और आंगनबाड़ी सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक ही खुलेंगे, ताकि सुबह और शाम के अंधेरे में बच्चों को स्कूल आने-जाने में खतरा न हो।
स्थानीय लोग लगातार मांग कर रहे हैं कि वन विभाग गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाए और लगाए और लगातार निगरानी करे, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में गुलदार के हमलों में कई लोगों की जान जा चुकी है।