हरिद्वार। विष्णुलोक कॉलोनी निवासी पैरों से दिव्यांग ई-रिक्शा चालक मनीष (पुत्र रामआसरे) की मोबाइल के लालच में दोस्तों ने गला घोंटकर क्रूर हत्या कर दी। कोतवाली रानीपुर पुलिस ने 48 घंटे में ब्लाइंड मर्डर केस सुलझा लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल ने शनिवार को खुलासा किया। मामला 1 फरवरी का है, जब मनीष लापता हो गया। पिता ने 4 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई।
जांच में पता चला कि पांवधोई मोहल्ला निवासी अयान उर्फ सुन्नत ने मनीष का रेडमी मोबाइल छीन लिया था। मनीष ने फोन वापस मांगने पर धमकी दी तो अयान व हाल ही जेल से रिहा बिलाल ने साजिश रची। शराब के बहाने भेल स्टेडियम के पास झाड़ियों में बुलाकर बिलाल ने पकड़ा, अयान ने गला घोंट दिया। शव प्लास्टिक कट्टे में भरकर सुपरवाइजर हॉस्टल के पास झाड़ियों में फेंक दिया। ई-रिक्शा लावारिस छोड़ फरार हुए।
शुक्रवार को भेल स्टेडियम से अयान गिरफ्तार, मोबाइल बरामद। निशानदेही पर शव मिला। गुमशुदगी को हत्या में बदला। अयान जेल भेजा, बिलाल फरार। टीम में प्रभारी आशुतोष राणा, नितिन चौहान, विकास रावत आदि शामिल।