हरिद्वार। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रथम चरण का आंदोलन शुरू कर दिया। आज जिला अधिकारी कार्यालय परिसर में महासंघ के आह्वान पर 18 इंजीनियरिंग विभागों के अभियंताओं ने धरना प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी हरिद्वार के माध्यम से मुख्यमंत्री को 27 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
धरना में शामिल सभी अभियंता एक स्वर में नारे लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि राज्य शासन द्वारा उनकी मांगों पर शीघ्र कार्यवाही नहीं की गई तो प्रांतीय कार्यकारिणी के नेतृत्व में पूर्ण हड़ताल सहित तीव्र आंदोलन किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन जनपद सचिव मंगल सिंह नेगी ने किया, जबकि अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष अमूल वालिया ने की।
प्रमुख रूप से लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय अध्यक्ष छबील दास सैनी ने 27 सूत्रीय मांगों का विस्तार से विवरण प्रस्तुत करते हुए जिलाधिकारी को अभियंताओं ने बताया कि ये मांगें काफी समय से लंबित हैं। पूर्व में भी माननीय मुख्यमंत्री को इनके संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था और उनके निर्देश के बावजूद शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
आगामी 23 फरवरी को देहरादून में सभी डिप्लोमा इंजीनियरों द्वारा विशाल रैली निकाली जाएगी और सचिवालय का घेराव कर मांगों को मनवाने का प्रयास किया जाएगा। धरना कार्यक्रम में महासंघ के सभी घटक संघों के प्रांतीय पदाधिकारी, मंडली पदाधिकारी तथा जनपद स्तर के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने अभियंताओं की मांगों को उचित बताते हुए ज्ञापन को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और उनके समर्थन का आश्वासन दिया। अभियंताओं का कहना है कि उनकी मांगें वेतन संशोधन, पदोन्नति, सेवा सुरक्षा, भत्तों के भुगतान, पुरानी पेंशन बहाली आदि से जुड़ी हैं, जो उनके पेशेवर सम्मान और भविष्य से संबंधित हैं। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज होगा।