HINDUSTAN NEWS TODAY, लक्सर के भोगपुर ग्राम में आंगनबाड़ी केंद्र के अंतर्गत एक गर्भवती महिला की प्रसव के दौरान एनीमिया के कारण मृत्यु का मामला सामने आया है। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं और बाल विकास परियोजना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (भोगपुर केंद्र संख्या एक), बाल विकास परियोजना अधिकारी (लक्सर), और सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि इन कर्मचारियों ने गर्भवती महिला के स्वास्थ्य के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं किया, जो अत्यंत खेदजनक है। उन्हें तीन दिन के भीतर साक्ष्य सहित अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है, अन्यथा उनके खिलाफ शासकीय कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, इस मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई का निर्देश स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य निगरानी और एनीमिया जैसे गंभीर मामलों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। आंगनबाड़ी केंद्रों को समुचित संसाधन, प्रशिक्षण, और दिशा-निर्देश प्रदान करने में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका अहम है। ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण पूरक आहार की उपलब्धता, और जागरूकता अभियानों की कमी इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल छोटे कर्मचारियों को दोषी ठहराने के बजाय, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी जवाबदेह बनाना चाहिए। नीतिगत स्तर पर सुधार, बेहतर समन्वय, और संसाधनों का प्रभावी उपयोग ही ऐसी त्रासदियों को रोक सकता है।
एनीमिया से मृत्यु: स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सवाल, जिम्मेदारी किसकी? तीन छोटे कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस, -दीपक मौर्य-